सुदामा चरित्र सुन भावुक हुए श्रद्धालु, व्यास पूजन के साथ दी गई विदाई
डे समाचार डेस्क
भदोही, 31 जनवरी। बारीपुर गांव मेंआयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शनिवार को आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन मुख्य यजमान ताड़केश्वर नाथ दुबे व उनकी पत्नी विमला देवी, कौशलेश्वर नाथ दुबे व उनकी पत्नी इंदु देवी तथा राजेश्वर नाथ दुबे व उनकी पत्नी पुष्पा देवी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया।
कथावाचक आचार्य बृजभूषण पांडे जी महाराज ने अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण के अन्य विवाहों की सुंदर व्याख्या की, लेकिन जैसे ही उन्होंने ‘सुदामा चरित्र’ का प्रसंग छेड़ा, पंडाल में मौजूद हर आंख नम हो गई। महाराज जी ने बताया कि मित्रता में ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं होता और भगवान अपने भक्त के प्रेम के वश में होते हैं। सुदामा और कृष्ण के मिलन के मार्मिक वर्णन को सुन श्रोता मंत्रमुग्ध होकर भाव-विभोर हो उठे।
कथा के अंत में ब्यास पूजन का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें यजमानों सहित पूरे गांव ने आचार्य जी का आशीर्वाद लिया। भक्ति गीतों और भजनों पर भक्त इस कदर झूम उठे कि पूरा बारीपुर गांव ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गुंजायमान हो गया। यजमान परिवार ने बताया कि इस अनुष्ठान से क्षेत्र में सुख-शांति और आध्यात्मिक चेतना का संचार हुआ है। आरती के बाद भारी संख्या में उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर राम उजागीर शुक्ला रमेश दुबे प्रकाश देव दुबे मनोज दुबे आनंद देव दुबे संजय दुबे (बबलू) ओम प्रकाश तिवारी केवला शंकर दुबे मूलचंद दुबे विनोद शुक्ला हरि शंकर शुक्ला आदि।
